{"product_id":"varada-teerada-kathegalu","title":"वरदा तीरदा कथेगलु","description":"\u003cp\u003eवरदा तीरद कथेगलु को पढ़कर मैं दिल से हँसा हूँ। अनजाने में आँखों में आए पानी को पोंछा हूँ। यह ऐसा नहीं होना चाहिए था, सोचकर दुखी हुआ हूँ। अगर लेखक की कहानी के भाव से पाठक की भावनाएँ मेल खाएँ, तो कहानी को जन्म देने वाले कहानीकार को भी राहत की साँस मिलती है। रवींद्र मुद्दी द्वारा सिनेमा और टीवी में अभी तक उपयोग न की गई जवारी भाषा के शब्दों का प्रयोग अद्भुत है। वरदा तीरद कथेगलु को पढ़ते हुए, हमें पता भी नहीं चलेगा कि हम अपने बचपन के गाँव की तस्वीर को अपनी आँखों के सामने देखेंगे, यह तय है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e-अनिल भारद्वाज फीनिक्स, यूएसए।\u003c\/p\u003e\n\u003c!----\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49289913925915,"sku":"","price":144.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/varada-teerada-kathegalu-8544911.jpg?v=1767532805","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/varada-teerada-kathegalu","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}