{"product_id":"vajragalu-dr-sara-aboobaker","title":"Diamonds - Dr. Sara Aboobacker | Vajragalu","description":"\u003cp\u003eजीवन की वास्तविक घटनाओं को उजागर करते समय हमें किसी भी प्रकार की हीन भावना से ग्रस्त नहीं होना चाहिए। हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हमें अपमानित किया गया है। सभी समाजों में धर्म के नाम पर महिलाओं का कई प्रकार से शोषण होता रहा है। कोई भी समाज हमारे समाज से न तो श्रेष्ठ है और न ही हीन। सभी समाजों में कमियाँ होती हैं। देवदासी प्रथा, नग्न सेवा, सती प्रथा आदि कोई भी ऐसी प्रथाएँ नहीं हैं जो किसी भी समाज को सम्मान दिलाएँ। यदि शरत चंद्र चटर्जी, रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान लेखकों ने बंगाली समाज में बाल विवाह, बाल विधवा समस्या जैसी समस्याओं को साहित्य के माध्यम से उजागर न किया होता, तो शायद आज भी यह कहना मुश्किल है कि ये सभी समस्याएँ बिना समाधान के कैसे जल रही होतीं। सभी समाज साहित्य के माध्यम से अपनी समस्याओं को दर्शाते हुए उनके समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं। कोई भी समाज पूर्ण या शोषण-मुक्त नहीं है। मैं केवल यही कहना चाहता हूँ कि शोषण-मुक्त नए समाज के निर्माण के लिए एक आधार तभी बनाया जा सकता है जब हम सभी प्रकार की बुराइयों का एक स्वर में विरोध करें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e- सारा अबूबाकर\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45153710997787,"sku":"","price":190.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/vajragalu-dr-sara-aboobaker-8259717.jpg?v=1767536345","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/vajragalu-dr-sara-aboobaker","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}