{"product_id":"untitled-17aug_17-13","title":"कर्नाटक का इतिहास","description":"\u003cp\u003eप्रागैतिहासिक काल से भाषाई प्रांतों के निर्माण से लेकर कर्नाटक के एकीकरण तक, यह पुस्तक कर्नाटक के इतिहास को एक जगह संकलित करने वाली एक पुस्तिका है। यह कर्नाटक के इतिहास के छात्रों के लिए भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ती है और विद्वानों के लिए एक बहुत उपयोगी स्रोत हो सकती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e- एच. एस. गोपालराव\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e***\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयहाँ न केवल राजनीति पर जोर दिया गया है, बल्कि शासन प्रणाली, संस्कृति, कला और साहित्य को भी समान स्थान दिया गया है। यदि छात्र इस पुस्तक को पढ़ने से कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास के साथ-साथ संस्कृति की रूपरेखा को समझते हैं, तो लेखक का प्रयास सार्थक होगा।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e- बा. रा. गोपाल\u003c\/p\u003e","brand":"Beetle Book Shop","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46281818013979,"sku":"","price":450.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/karnatakada-ithihasa-5129199.png?v=1767535225","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/untitled-17aug_17-13","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}