{"product_id":"untitled-10aug_07-07","title":"मुक्ति","description":"\u003cp\u003eअपना जीवन स्वयं जीना है। अपने अनुभवों के क्रूस का बोझ जीवन भर स्वयं उठाना है। अपने जीवन के नियमों, मूल्यों को स्वयं ही निर्धारित करना है, न कि उधार लिए गए मूल्यों से, इस प्रश्न के साथ, शायद कन्नड़ का पहला अनूठा उपन्यास 'मुक्ति' है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eउपन्यास का केंद्रीय पात्र गौरीश है, जिसने अपने प्रचंड अनुभवों से, बिना रूप और आकार के चोट पहुँचाने वाले भूतकाल के भूत से मुक्ति पाने के लिए संघर्ष किया है, यही इस उपन्यास का विषय है। जब वह उन निराकार अनुभवों को भाषा में आकार देना चाहता है, जिनसे वह बचना चाहता है, तो इस उपन्यास का विस्तार उस आकृतिबद्ध स्मृति से होता है। जीवन और कला के बीच के संबंध को समझने की दृष्टि ने इस उपन्यास की तकनीक को निर्धारित किया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eजीवन से पलायन करने के दृढ़ निश्चय से शुरू हुई कहानी, एक स्वस्थ और मजबूत नए संबंध के संकेत के साथ समाप्त होती है जो अभी-अभी आकार ले रहा है। सतही तौर पर अनैतिक लग सकने वाले संबंध के वास्तविक अर्थ और मूल्यों को समझना ही पूरे उपन्यास की चिंता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअनुभव को देखने के साथ-साथ उसे भाषा में साकार करने में व्यक्त की गई दृढ़ता, ईमानदारी, उपयोग की गई तकनीक में नवीनता - इस उपन्यास के महत्वपूर्ण गुण हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e- यशवंत चित्तल\u003c\/p\u003e","brand":"Beetle Book Shop","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46108461564187,"sku":"","price":170.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/mukti-8004131.png?v=1767535386","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/untitled-10aug_07-07","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}