{"product_id":"shikari-novel","title":"शिकारी | Shikari (उपन्यास)","description":"\u003cp\u003e\"यशवंत चित्तल का 'शिकारी' का केंद्रीय बिंब शिकार है। यह उपन्यास में कई संदर्भों में दिखाई देता है। भोजन से संबंधित शिकार की क्रिया मनुष्य की मूल प्रवृत्तियों से संबंधित है। लेकिन, इस उपन्यास में होने वाला शिकार मनुष्य द्वारा पशु-पक्षियों का शिकार न होकर आज की औद्योगिक सभ्यता में हर जगह दिखाई देने वाला मनुष्य द्वारा मनुष्य का शिकार है। 'शिकारी' का केंद्रीय पात्र नागप्पा यहाँ शिकार का लक्ष्य है। स्वार्थ, स्वहित-रक्षा के उद्देश्यों से बनी शिकारी टीम उसका पीछा करती है। उसके अस्तित्व की जड़ों को हिलाकर उसके विनाश के लिए घात लगाती है। ऐसे में क्या मनुष्य के जीवन का कोई अर्थ है? क्या इससे बचकर निकलने की संभावनाएं हैं? ऐसी स्थिति पैदा ही क्यों हुई? इसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन मूलभूत प्रश्नों को उठाकर 'शिकारी' हमारे लिए अत्यंत प्रासंगिक कृति है...\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकन्नड़ के लिए बिल्कुल नया विषय चुनकर चित्तल ने उसे बहुत कुशलता से संभाला है... चित्तल की प्रतिभा अद्भुत रूप से काम कर रही है।\"\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e- डॉ. जी.एस. आमुर\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"ಯಶವಂತ ಚಿತ್ತಾಲ | Yashwanth Chittal","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49850636075291,"sku":"","price":324.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/shikari-novel-8399239.jpg?v=1767531547","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/shikari-novel","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}