{"product_id":"sarahaddu","title":"सीमा | Seema","description":"\u003cp\u003eसरहद्दु | सरहद्द लेखक: दीपा हिरेगुट्टी, Deepa Hiregutti\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e'दीपा की कहानियाँ दो मुख्य कारणों से ध्यान खींचती हैं। पहला, प्रवास, विस्थापन, शरणार्थियों की अस्थिर स्थिति, दिवालियापन और आश्रय विहीन लोगों के ऐतिहासिक दबावों से उत्पन्न हो रही सामाजिक परिवर्तन प्रक्रिया है। दूसरा, इस परिवर्तन प्रक्रिया के गर्भ में, दैनिक श्रम के दैवीय धागों से बुने हुए जीवन में, यद्यपि सपने वास्तविकता में साकार नहीं होते, फिर भी अच्छाई को न छोड़ने की सच्चाई है। कहानियों की विशेषता यह है कि पात्र मानवीय सहज इच्छा, ईर्ष्या, तुच्छता, असहिष्णुता और आत्म-सम्मान की जिद के कमजोर क्षणों में अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हुए, मानवता के जादुई स्पर्श से मुक्त हो जाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकथाकार द्वारा बुना गया वातावरण जीवंत है, जिसमें तटीय क्षेत्र के क्षेत्रीय विवरण शामिल हैं: भोजन के लिए समुद्र की धूप में पसीना बहाते लोग; हर जगह कन्नड़ स्कूल की शिक्षिकाओं की परछाइयाँ भटकती हैं; चूल्हे पर पकती चावल की लस्सी की सुगंध; गोबर से लिपी हुई मिट्टी की गंध; मछली करी की खुशबू; मुर्गे की आवाज; यादें ताजा करती हुई बारिश; और दुकान के लालटेन से फैली शांत शाम।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eउत्तरी कन्नड़ के विशिष्ट उप-समुदाय के लोगों की बोली, मुहावरे और स्वर-भार में छिपी कहानियों को संजीवनी की तरह इस्तेमाल करने में दीपा सफल रही हैं, जो मनुष्यों को अपनी मानवता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवर्तमान में शांति का ठिकाना खो चुके दुखी मनुष्यों के पुनर्वास के रूप में इन कहानियों को पढ़ने की परोक्ष प्रेरणा दीपा की प्रयोगात्मकता के प्रति उत्सुकता पैदा करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eश्रीधर बलगर\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50500176544027,"sku":null,"price":135.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/sarahaddu-8969469.jpg?v=1767528966","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/sarahaddu","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}