{"product_id":"putta-putti-kathegalu","title":"छोटी-छोटी कहानियाँ | Putta Putti Kathegalu","description":"\u003cp\u003eबाल साहित्य की बात करें, तो बच्चों की उम्र भी एक महत्वपूर्ण बात होती है। पंद्रह साल से कम उम्र के बच्चों को मासूम माना जाता है। लेकिन आजकल बच्चे बहुत जल्दी मासूमियत खो रहे हैं। हम एक ऐसे मनोरंजन युग में जी रहे हैं, जहाँ कोई प्रतिबंध नहीं है, और यह बच्चों पर बुरा असर डाल रहा है। इसलिए इस युग में लिखा गया बाल साहित्य कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। प्रो. नाग एच. हुब्बी द्वारा संपादित वर्तमान संकलन की चयन सीमा, यानी पुरस्कार विजेता बाल साहित्यकारों के लिए, एक उल्लेखनीय बात है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस संकलन के संपादक प्रो. नाग हुब्बी ने कन्नड़ साहित्य में लगातार योगदान दिया है, जबकि वे कन्नड़ भूमि से हजारों मील दूर रांची (झारखंड) में रहते हैं। उन्होंने एक कहानीकार और अनुवादक के रूप में कई कृतियाँ दी हैं। उन्होंने अन्य भाषाओं से बाल साहित्य कृतियों का अनुवाद किया है। जनजातीय अध्ययन के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य है। मधुमक्खी की तरह हमेशा रचनात्मक रहने वाला उनका यह बाल साहित्य संकलन उनकी कार्यकुशलता में एक नया इजाफा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e-प्रो. के. मरुलासिद्दप्पा (प्रस्तावना से)\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49834686284059,"sku":"","price":126.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/putta-putti-kathegalu-9654913.jpg?v=1767532385","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/putta-putti-kathegalu","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}