{"product_id":"products-himagiriya-garbhadalli","title":"हिमगिरि के गर्भ में - Himagiri Ke Garbha Mein","description":"\u003cspan data-mce-fragment=\"1\"\u003eयह एक ऐसी किताब थी जिसे मैं बहुत चाहता था, ब्रिगेडियर जे.पी. दलवी नाम के एक बहादुर अधिकारी ने लिखी थी, 'हिमालयन ब्लंडर': यह 1962 में चीन की सेना द्वारा भारत को हराने की कहानी है। डॉ. मुरली ने कहा था, \"अगर तुम यह किताब पढ़ने के बाद आते हो तो तुम्हें अरुणाचल प्रदेश स्को का मतलब नहीं समझ आएगा\", मेरी किस्मत अच्छी नहीं थी। किताब अंत में नहीं मिली। अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पूरी करने के बाद भी\u003c\/span\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cspan data-mce-fragment=\"1\"\u003eएक दिन मैं बैंगलोर की ब्रिगेड रोड पर गया, वहाँ एक बूढ़ा आदमी था जो किताबें बेचता था। मैंने ऐसे ही पूछ लिया कि क्या 'हिमालयन ब्लंडर' है? उसने कोने से निकालकर दे दी। किताब पाकर मैं बहुत खुश था, जब मैं कमरे में आया तो एक और 'थ्रिल' मेरा इंतजार कर रहा था। किताब के पहले पन्ने पर किताब के लेखक ब्रिगेडियर जे.पी. दलवी की प्यारी हस्तलिपि और हस्ताक्षर देखकर मेरी आँखें भर आईं। वैसे, मेरी यह अरुणाचल प्रदेश की यात्रा ब्रिगेडियर दलवी की किताब से ही पूरी होगी।\u003c\/span\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cspan data-mce-fragment=\"1\"\u003e-रवि बेलागेरे\u003c\/span\u003e","brand":"Ravi Belagere | ರವಿ ಬೆಳಗೆರೆ","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48117687779611,"sku":"","price":120.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/himagiriya-garbhadalli-3282011.jpg?v=1767533947","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/products-himagiriya-garbhadalli","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}