{"product_id":"premabhikshu-short-novel-based-on-the-life-of-gauthama-buddha","title":"प्रेमभिक्षु - गौतम बुद्ध के जीवन पर आधारित लघु उपन्यास","description":"\u003cp dir=\"ltr\"\u003e“पुण्यक्षा, वह खत्म हुई कहानी है। तुम कर्मचक्र में फँसकर घूम रहे हो, मैंने कहा। आज का दिन अलग है। तुमने उसे खत्म कर दिया है।\" “करुणावान गुरुदेव। आप करुणावान हैं। लोग कम से कम एक आँख क्यों बचाते हैं, मैं सोचता था। अब मुझे पता चला, आपके चेहरे को देखने के सौभाग्य के लिए, पिता, मैं आपके चेहरे को देखते हुए मरूँगा।\" 'तुम अब नहीं मरोगे। मरने से क्या होगा? तुम निश्चित रूप से ठीक हो जाओगे। तुम्हें बहुत काम करना है, बच्चे।' बुद्धदेव ने क्षितिज की ओर देखते हुए कहा: “पुण्यक्षा, तुम्हारी कहानी प्रेम का विधान बनेगी। तुम प्रेम और शांति का संदेश लेकर देश के कोने-कोने तक जाओगे..! लोग तुम्हें भिक्षा देंगे। तुम उन्हें प्रेम-भिक्षा दोगे। साल बीत जाएँ, सदियाँ बीत जाएँ। जब तक हर दिल प्रकाश का स्रोत नहीं बन जाता, शांतिदूत ऐसे ही चलते रहेंगे। आज नहीं तो कल, जैसे मेरे हृदय में निर्वाण का सागर उमड़ आया, वैसे ही हर जीव के हृदय में भी उमड़ आएगा।' इस उपन्यास की कुछ पंक्तियाँ प्रभुशंकर के साहित्यिक योगदान के महत्व को दर्शाती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49492717273371,"sku":"","price":75.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/premabhikshu-short-novel-based-on-the-life-of-gauthama-buddha-8080437.jpg?v=1767533045","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/premabhikshu-short-novel-based-on-the-life-of-gauthama-buddha","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}