{"product_id":"niranjana-aayda-ankana-barahagalu","title":"निरंजना आयड़ा अंकना बारहगुलु","description":"\u003cp\u003eकन्नड़ के पहले स्तंभकार कौन थे, यह निश्चित रूप से कहना मुश्किल है, लेकिन यह निर्विवाद है कि निरंजना ने स्तंभ लेखन को एक शैली के रूप में स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई। कन्नड़ पत्रकारिता जगत में 'स्तंभ' लेखन की मजबूत नींव रखने का श्रेय निरंजना को जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकुल 13 स्तंभों में से सात स्तंभ लेखन संकलन के रूप में प्रकाशित हुए हैं। उनके स्तंभों के प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की संख्या ही नहीं, बल्कि मुद्रित स्तंभ लेखन की मात्रा, गुणवत्ता और विषयगत विविधता भी अपार है। निरंजना की लेखनी से लगभग 2000 स्तंभ लेखन का सृजन हुआ।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eनिरंजना की पुनरावलोकन श्रृंखला के स्तंभ लेखन के इस संग्रह में 1950 से 1970 तक के साधन संचय, स्तंभ। राजधानी से और दिनचर्या से संकलनों से चुने गए 33 लेख हैं। इनमें व्यक्तिगत राय, साहित्य-साहित्यकारों, सांस्कृतिक नीति, मीडिया, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, देश-राजनीति और वैश्विक-इस प्रकार वर्गीकृत अध्यायों में प्रत्येक विषय के 3-4 लेख हैं। इन्हें उनके विषय, शैलियों में अपार विविधता, दृष्टिकोणों और तीन दशकों की लंबी अवधि में उनके विकास को प्रतिबिंबित करने के लिए चुना गया है। कुछ लेख निरंजना द्वारा स्वयं संपादित और 1987 में प्रकाशित उनके लेखन की वाचक 'प्रतिध्वनि' से चुने गए हैं।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51334264127771,"sku":null,"price":144.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/niranjana-aayda-ankana-barahagalu-9584039.jpg?v=1767528307","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/niranjana-aayda-ankana-barahagalu","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}