{"product_id":"naravanara","title":"नरवनारा","description":"\u003cp\u003eनेतृत्व के लिए होड़, कुर्सी के लिए दल-बदल, असंतोष, चापलूसी, जासूसी - ये सभी राजनीतिक पैंतरे केवल मनुष्यों में ही नहीं, बल्कि चिंपैंजी की दुनिया में भी व्याप्त हैं, यह बात यह कृति बखूबी बताती है। हमारे नेताओं को बंदरों का वेश पहनाकर इस मजेदार वन्यजीव कथा को मंच पर क्यों न लाया जाए?!\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e- नागेश हेगड़े, पर्यावरणविद्, स्तंभकार\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e*********\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवहाँ एक हत्या! जैसे ही हत्यारा सामने आता है, उसकी खुद हत्या हो जाती है!! यह कृति, जो बुलेट ट्रेन की गति से पढ़ी जाती है, भले ही एक रोमांचक जासूसी कहानी की तरह लगती है, लेकिन यह महत्वपूर्ण शोधों से युक्त एक ठोस वैज्ञानिक कृति है। वानरों के भीतर की नसें और हमारे भीतर छिपे वानर गुण, जीवन के विकास की निरंतरता को साबित करते हैं। इस सत्य से परिचित कराने का यह एक अनूठा और जबरदस्त प्रयास है। कथा शैली तो कन्नड़ साहित्य जगत के लिए नई है, ऐसा कहना भी सही होगा।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e- डॉ. के. एन. गणेशैया, वैज्ञानिक और प्रसिद्ध लेखक।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e******\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह एक अत्यंत कौतूहलवर्धक कृति है। पढ़ने के बाद लगता है कि हमारे राजनेताओं का व्यवहार अप्रत्याशित नहीं है!\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e- डॉ. वी. वी. बेलवाड़ी, प्रसिद्ध कीटविज्ञानी, लेखक\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49405057663259,"sku":"","price":162.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/naravanara-9491945.jpg?v=1767537846","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/naravanara","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}