{"product_id":"mirza-ghalib-kathana-mattu-kaavya","title":"मिर्ज़ा ग़ालिब (कथना मट्टू काव्य)","description":"\u003cp\u003eमिर्ज़ा ग़ालिब, एक अद्वितीय कवि, जिन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से उर्दू और फ़ारसी कविता के आनंद का सार प्रस्तुत किया। ग़ालिब, एक ऐसे व्यक्ति जिनकी व्यक्तित्व की व्याख्या करना मुश्किल है, वे जीवन की सुंदरता के साथ-साथ उसकी लाचारी और अत्याचारों की पीड़ा को भी महसूस करते थे। वे एक ऐसे कवि थे जिन्होंने काव्य के माध्यम से आत्म-आलोचना की और स्वयं का उपहास किया। यह कृति सिद्ध करती है कि जीवन में कविता में निहित व्यंग्य की हल्की चमक आत्मा को छूती है।\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003eजगदीश कोप्पा द्वारा ग़ालिब की कहानी का वर्णन हमें इतिहास में ले जाता है। ग़ालिब के संघर्ष, जिन्होंने दिल्ली के वैभव और पतन दोनों को देखा था, मन में गहराई तक उतरते हैं। उन्होंने सिपाही विद्रोह के नरसंहार के सत्य के टुकड़े, मुग़ल सम्राटों के सड़क पर आने और फाँसी पर चढ़ाए जाने के विवरण को अत्यंत प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया है।\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003eजगदीश कोप्पा की गद्य में कविता का स्पर्श होने के कारण, पूरी घटनाएँ गहन अनुभवों में डूबी हुई प्रतीत होती हैं। एक ओर ग़ालिब की खुशी, निराशा और चिंताएँ, और दूसरी ओर अंग्रेजों के अहंकारपूर्ण गर्जन, दिल को झकझोर देते हैं। ग़ालिब की मधुशाला और दिल्ली का जादू हमें एक अद्वितीय अनुभव के आँगन में लाकर खड़ा कर देता है।\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003eग़ालिब उर्दू और फ़ारसी भाषाओं के विद्वान थे। उन्होंने अपनी कविता में इन दोनों को इस तरह से मिश्रित किया कि कविता की गंभीरता और लालित्य को ज़रा भी नुकसान न पहुँचे, और जगदीश कोप्पा ने इसे सहजता से कन्नड़ में प्रस्तुत किया है। उन्होंने ग़ालिब के गहरे अनुभवों को खोदकर अपनी कविताओं में उकेरा है। उनकी लेखन में कविता की मूल आत्मा का साक्षात्कार संभव हो पाया है।\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e_ डी.एस. चौगले\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47407134343451,"sku":"","price":135.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/mirza-ghalib-kathana-mattu-kaavya-8631639.jpg?v=1767535866","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/mirza-ghalib-kathana-mattu-kaavya","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}