{"product_id":"manavemba-mayamruga","title":"मनवेम्बा मयमरुगा","description":"\u003cp\u003eमन एक घना जंगल है, जहाँ विविध भावनाओं के जीव निवास करते हैं। कभी-कभी कोई विशेष भावना एक जादुई हिरण की तरह चमककर गायब हो जाती है। जब ये भावनाएँ अत्यधिक और विचित्र रूप ले लेती हैं, तो मन ही एक मायावी जानवर बन जाता है, जो व्यक्ति को, व्यक्तित्व को, वास्तविक और नैतिक सीमाओं को पार करने पर मजबूर कर देता है। जब मानसिक परेशानियाँ मन को सताती हैं, तो ऐसा होना स्वाभाविक है! इस पृष्ठभूमि में, सबकी पसंदीदा मनोचिकित्सक डॉ. मयूरी, जब उसके अपने करीबी लोगों को यह मानसिक बीमारी सताती है, तो वह इसे कैसे संभालती है? वह मानसिक बीमारी से पीड़ित मनों को कैसे बचाती है? मन के रोगों को, मन के रोगियों को, मनुष्य के स्वभाव को, मनोचिकित्सा के आईने में दिखाने की उम्मीद के साथ लिखी गई ये दो लघु उपन्यास (मनवंबा मायामृग और मनोव्यूह) इन प्रश्नों का कथा रूप में उत्तर देते हैं। इन्हें पढ़ें। हमारे भीतर ही रहकर, माया की तरह सताने वाले, कभी-कभी जानवर की तरह व्यवहार करने वाले इस मन को थोड़ा देखें और जानें।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e-डॉ. अरुणा येडियाल\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50296842125595,"sku":"","price":202.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/manavemba-mayamruga-9285817.jpg?v=1767530345","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/manavemba-mayamruga","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}