{"product_id":"maatige-enu-kadime","title":"मातिगे एनु कदिमे","description":"\u003cp\u003eइस किताब को पढ़ते ही हम पत्रकारिता में साँस लेने वालों की उलझन महसूस करते हैं। कॉर्पोरेट, राजनीतिक हस्तक्षेप, प्रेस की स्वतंत्रता के खो जाने का डर, अधिनायकवादी प्रवृत्तियों द्वारा पैदा किया गया आतंक, इन सबके बीच भी पत्रकारिता की नैतिकता और लोकतंत्र के आदर्शों को बनाए रखने की आवश्यकता को रवीश कुमार ने दिल को छू लेने वाले अंदाज़ में लिखा है। रवीश के अपने अनुभव अक्षरों के रूप में दिल में उतर जाते हैं। रवीश कुमार, जो कहते हैं कि सत्य का मार्ग ही अच्छा है, कहीं भी स्थिति से समझौता न करते हुए, अपने उठाए गए कदमों से पीछे न हटने का मानसिक साहस भरते हैं। केवल एक संवेदनशील, मानवतावादी और सच्चे पत्रकार के लिए ही इतने स्पष्ट और निडर होकर इस तरह से लिखना संभव है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eज्योति इरवतूर, पत्रकार\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48040696807707,"sku":"","price":153.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/maatige-enu-kadime-1555882.webp?v=1767535325","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/maatige-enu-kadime","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}