{"product_id":"kolu-daari-autobiography","title":"ಕೋಲು ದಾರಿ | कोलु दारी (आत्मकथा)","description":"\u003cp\u003eएक पल की कल्पना करें, अठारह साल की उम्र में, उस किशोरावस्था में जब पूरी दुनिया रंगीन दिखती है, एक दिन आप जागते हैं और अंधेरा होता है, जैसे किसी ने लाइट बंद कर दी हो, गहरा अंधेरा। और आप उस स्विच को फिर से चालू नहीं कर सकते, आपके जीवन से प्रकाश हमेशा के लिए चला गया है। उसके साथ ही दुनिया भी गायब हो गई है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eजब जिंदगी ने उसे पटरी से उतार दिया, तब भी वह डगमगाया नहीं, बल्कि लड़खड़ाया, और यह आत्मविश्वासी आश्वासन सिर्फ अपने माता-पिता को ही नहीं, बल्कि खुद को भी दिया कि 'मैं कभी बोझ नहीं बनूंगा', यही थे सिद्धेश। किशोरावस्था में दोनों आँखों की रोशनी खो देने वाले एक छोटे से गाँव के गरीब लड़के सिद्धेश का रास्ता आसान नहीं था।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक व्यक्ति जिसने अत्यधिक कठिनाइयों के पहाड़ पर चढ़ाई की और खुशी के शिखर पर शांति का पड़ाव पाया, उसकी यह कहानी बिना रुके पढ़ी जाती है। यह हमारे सामने संभावनाओं की एक नई दुनिया खोलती है। सिद्धेश की यह प्रेम कहानी, जो अपने अनुभवों का पिटारा खोलती है, मन को द्रवित कर देती है; यह हमें एक ऐसी दुनिया का दर्शन कराती है जिसे हम नहीं देख सकते; यह हमारी आँखें खोलती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eनेमिचंद्र\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51262232396059,"sku":null,"price":144.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/kolu-daari-autobiography-1035205.jpg?v=1767530286","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/kolu-daari-autobiography","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}