{"product_id":"kaviteya-kai-hididu","title":"कविता का हाथ थामकर","description":"\u003cp\u003eपिछले लगभग 40 सालों से कन्नड़ काव्य-क्षेत्र में सक्रिय डॉ. मूडनाकूड़ु चिन्नस्वामी की काव्य-जगत में एक अनोखी आवाज़ है। 'नानॊंदु मरवागिद्दरे' (अगर मैं एक पेड़ होता) और 'चप्पलि मत्तु नानू' (चप्पल और मैं) जैसी कृतियाँ कन्नड़ काव्य-जगत में अनूठी मानी जाती हैं और इन्होंने उन्हें असंख्य काव्य-प्रेमी भी दिए हैं। दलित चेतना से भी बढ़कर मानवीय संवेदना से ओतप्रोत उनकी कविताएँ आज भी नए आयामों के साथ सामने आती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकाव्य के अलावा साहित्य की कई अन्य विधाओं में भी काम कर चुके मूडनाकूड़ु विभिन्न देशों में आमंत्रित होकर गए हैं और उन्होंने वहाँ अपने काव्य की सुगंध फैलाई है। इस कृति में उन्होंने विभिन्न देशों की अपनी काव्य यात्राओं के अनुभव साझा किए हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49511290700059,"sku":null,"price":100.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/kaviteya-kai-hididu-5426993.jpg?v=1767533227","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/kaviteya-kai-hididu","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}