{"product_id":"karnataka-gurupantha","title":"कर्नाटक गुरुपंथ | Karnataka Gurupantha","description":"\u003cp\u003eयह डॉ. रहमत तरीकेरे की पाँचवीं पुस्तक है, जिसका शीर्षक है \"कर्नाटक गुरुपंथ\"। लेखक के अनुसार, यह पुस्तक पिछले पाँच-छह वर्षों के शोध का परिणाम है। यहाँ 'गुरुपंथ' को एक व्यापक अवधारणा के रूप में समझा गया है, जिसमें गुरु-शिष्य परंपरा और इसके भीतर कई मार्ग और दार्शनिक प्रस्थान शामिल हैं। दार्शनिक रूप से, शरण, नाथ और सूफी गुरुपंथ ही हैं। लेकिन यहाँ 'गुरुपंथ' की अवधारणा को उनसे अलग करके विकसित किया गया है। इस अवधारणा के तहत, पिछले चार शताब्दियों में 300 से अधिक योगी और तत्वपदकार, अद्वैत अद्वय जैसे दार्शनिक प्रस्थान, अरुध अवधूत अचल जैसे मार्ग और इंचगेरी गुदिकाल सिद्धारुध जैसी परंपराएँ आती हैं। इस प्रकार, लेखक का मानना है कि यद्यपि 'गुरुपंथ' की अवधारणा सतही तौर पर एकरूप दिखाई देती है, वास्तव में यह एक बहुरूपी दुनिया है।\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49455287795995,"sku":"","price":360.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/karnataka-gurupantha-5491865.jpg?v=1767532806","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/karnataka-gurupantha","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}