{"product_id":"kadalu-nodalu-hodavalu","title":"कदलु नोदालु होदावलु","description":"\u003cp\u003eफातिमा रलिया की ललित निबंधों का संकलन 'कडलु नोडालु होडवलु'। बोलुवारु मोहम्मद कुंही ने इस कृति में प्रस्तावना लिखी है। उनके अनुसार, इन दिनों में जब ढेर सारी दिल दहला देने वाली कहानियाँ और तंत्रिका तंत्र को पिघला देने वाले वैचारिक लेख प्रकाशित हो रहे हैं, तब उन लोगों के लिए जो सोचते हैं कि ललित निबंध क्यों पढ़ना चाहिए, 'सुधा युगादि निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार' प्राप्त निबंध सहित सत्रह ललित निबंधों का यह संकलन एक बाल पाठ की तरह है। जैसे अभी-अभी बनी चमेली की माला से गिरा एक फूल हवा चलने पर अपनी सुगंध छोड़ जाता है, उसी प्रकार 'गद्य के भावगीत' बुनने वाली इनकी, 'उन्मत्त कुरुक्षेत्रवु वृंदावनद कोललूलू..' शीर्षक वाला निबंध ही यह बताता है कि यह कौन हैं, क्या हैं और कहाँ से हैं। उन्होंने कहा है कि मृदु मन के कन्नडिग इस कृति को निश्चित रूप से प्रेम से ही पढ़ेंगे।\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50087460372763,"sku":null,"price":105.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/kadalu-nodalu-hodavalu-8683248.png?v=1767529027","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/kadalu-nodalu-hodavalu","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}