{"product_id":"kadali-hokku-bande","title":"कड़ाली होक्कु बंदे","description":"\u003cspan data-mce-fragment=\"1\"\u003eयह कहते हुए कि 'राई के दाने के बराबर खुशी के लिए सागर जितना दुख झेलना पड़ता है', कडालि जाकर वापस आने वाले यात्रा-प्रेमी रहमत तरीकेरे का श्रीशैलम की यात्रा पर लिखा गया लेख यहाँ का पहला लेख है। इसके बाद उन्होंने विभिन्न दिशाओं की यात्रा की। उनकी रुचि के पहाड़-जंगल-गाँव, जैसे बाउलों का बंगाल, नवाबों का लखनऊ, हिमालय का मलाना, लक्षद्वीप, तेजस्वी का कॉफी बागान, उनकी यात्रा के कुछ स्थान हैं। ये केवल मनोरंजन के लिए घूमने वाले लक्ज़री पर्यटकों से अलग यात्रा करते हैं, पैदल ही सही, जहाँ जाना होता है, वहाँ कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आ जाएँ, ये पीछे मुड़कर देखे बिना यात्रा पूरी करने वाले दृढ़ निश्चयी व्यक्ति हैं। यात्रा के दौरान ये केवल स्थानों को देखकर वापस नहीं आते हैं। ये सबसे पहले आम लोगों से बात करते हैं। ये ऐसे लेखकों और कलाकारों की तलाश करते हैं जो गुमनामी में हैं। उनके ही शब्दों में कहें तो, \"जहाँ भी गया, लोगों का बहुत दिमाग खाया और अपनी ज़रूरत की सारी जानकारी इकट्ठा करके अपने दिमाग में भर ली।\" जब वे वापस आते हैं, तो हमें एक लेख या किताब मिलती है। इसलिए इस कृति में व्यक्तियों का चित्रण, प्रकृति की सुंदरता का आनंद और रोमांचक अनुभवों का भरपूर वर्णन किया गया है।\u003c\/span\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46101438365979,"sku":"","price":202.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/kadali-hokku-bande-4634685.jpg?v=1767535925","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/kadali-hokku-bande","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}