{"product_id":"hamma-hoo","title":"हम्मा हू","description":"\u003cp\u003eउसने तरक्का को घर के सामने से लेकर पिछवाड़े तक ढूंढा। जैसे-जैसे दिल की धड़कन तेज होती गई, उसने अंततः पूजाघर का दरवाजा धक्का दिया। नंदादीप की रोशनी में तरक्का का चेहरा दिखाई दिया। राहत से ज्यादा हैरानी हुई। उसने आह भरी। घुटनों पर ठुड्डी रखे, दीपक को निहारती उसकी आँखें ऐसी लग रही थीं मानो किसी महान गंधर्व के हाथ से गिरे काले अंगूरों को पकड़े हुए, उसके वापस आने का इंतजार कर रही हों। उन निश्चल आँखों को देखते हुए वह दीवार से सटकर बैठ गया। थोड़ी देर बाद वह भी वही दीपक देखने लगा। तरक्का की आभा के सामने, वहाँ के देवी-देवताओं ने अपनी प्रभामंडल खो दिए और केवल चित्रों में और धातुओं में बनी निर्जीव आकृतियों की तरह दिखाई दिए।\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49647131132187,"sku":"","price":166.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/hamma-hoo-4297673.jpg?v=1767533648","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/hamma-hoo","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}