{"product_id":"ekaswamya-khareedi-bandavala","title":"एकाधिकार ख़रीदी पूँजी","description":"\u003cp\u003eलंदन विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर अशोक कुमार ने खरीद पूंजी के प्रभुत्व के बारे में 'मनोप्सनी कैपिटल' नामक पुस्तक लिखी है। इसका विस्तृत अनुवाद भी कन्नड़ में आ रहा है। सामान्य पाठकों के लिए इस पुस्तक का परिचय सरल और संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया। तदनुसार, हमने कठिन पारिभाषिक शब्दों और लंबे वाक्य संरचनाओं से बचते हुए पाठक-अनुकूल एक संक्षिप्त प्रस्तुति आपके सामने रखी है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदुनिया भर में तैयार कपड़ों और जूतों के उत्पादन में श्रमिकों का गंभीर शोषण हो रहा है। इस पुस्तक का सार यह है कि इस क्षेत्र में हो रहे तीव्र तकनीकी और संगठनात्मक परिवर्तन श्रमिकों के मुक्ति संघर्ष के लिए नए अवसर खोल रहे हैं। सभी प्रकार के शोषण को समाप्त करने का सपना देखने वाले युवा दिमाग को ऐसी अर्थशास्त्रीय कृतियों को पढ़ना और समझना चाहिए। क्योंकि ज्ञान ही मुक्ति का मार्ग है। जब वैश्विक स्तर पर, विशेषकर भारत में, वर्ग संघर्ष के महत्व को दरकिनार करने की रणनीतियाँ चल रही हैं, तब पूंजी के शोषण के आयामों को उजागर करने वाली ऐसी पुस्तकें अत्यंत आवश्यक हैं। यदि कन्नड़ के पाठक इस पुस्तक को स्वीकार करते हैं और इस पर चर्चा करते हैं, तो हमारा प्रयास सार्थक होगा।\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50048457408795,"sku":"","price":180.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/ekaswamya-khareedi-bandavala-4391751.jpg?v=1767529085","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/ekaswamya-khareedi-bandavala","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}