{"product_id":"divodaasa","title":"दिवोदास","description":"गणतंत्र प्रणाली से राजाओं का काल आरंभिक चरण था। राजाओं\n\u003cdiv\u003eके अत्याचार - युद्ध का पागलपन - कमजोरों को कुचलना और आक्रमण - दमन \u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eआदि का समय था। पूरी कृति में सुनहरे बालों वाले कहे जाने वाले आर्यों और यमुना-सरस्वती नदियों के आसपास के\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eमूल निवासियों के बीच संघर्ष के उस समय का ऐतिहासिक\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eउपन्यास है। उन लोगों को हराने के लिए चल रहा संघर्ष, जिन्होंने उन पर आक्रमण किया था,\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eकृति का विषय है। दोनों तरफ के योद्धाओं के पास अच्छी घुड़सवार सेना, तलवार-ढाल, कटार, धनुष-बाण\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eपर्याप्त मात्रा में थे। उस समय जब लोग एक-दूसरे की भूमि, मवेशी,\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eसंसाधनों पर वीरता से कब्जा कर लेते थे, तो\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eकमजोरों की पीड़ा अकथनीय थी। इसे ही युद्ध में विजय प्राप्त करना\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eकहा जाता था! यहां दिवोदास नामक एक आर्य वीर ने कई\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eजनजातीय समुदायों को नष्ट कर दिया, उनका सफाया कर दिया और \u003c\/div\u003e\n\u003cdiv\u003eएक वीर बन गया। आगे पढ़ें, उस समय की क्रूरता को...\u003c\/div\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":44873549938971,"sku":"","price":156.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/products\/divodaasa-3672255.jpg?v=1767536587","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/divodaasa","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}