{"product_id":"devalayagalu-mattu-laingika-shilpa","title":"देवालयगलु मत्तु लैंगिक शिल्प","description":"\u003cspan\u003eहमारे मंदिर सिर्फ देवी-देवताओं के निवास स्थान ही नहीं, बल्कि हमारी कला और संस्कृति के प्रतीक भी हैं। मनुष्य के रूप में भले ही हमारे सिर पर छत न हो, लेकिन हम उसकी कमी महसूस नहीं करते। लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि भगवान को एक भव्य मंदिर चाहिए! इन मंदिरों के अंदर और बाहर कामुक मूर्तियाँ क्यों होनी चाहिए? क्या ये मूर्तियां अश्लील हैं? हमारे पूर्वज इस प्रथा का पालन क्यों करते थे? क्या इसका कोई अर्थ है? भगवान को मानव दासियाँ क्यों चाहिए? क्या मनुष्य के सभी कार्यों को भगवान पर भी आरोपित किया जा सकता है? इस पुस्तक में ऐसे कई सवालों के जवाब हैं।\u003c\/span\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48003648586011,"sku":"","price":90.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/devalayagalu-mattu-laingika-shilpa-2023450.jpg?v=1767536106","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/devalayagalu-mattu-laingika-shilpa","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}