{"product_id":"chaharegalendare-gayagalu-houdu","title":"चहरेगलेंदरे गयागलु हौदु","description":"'चहरेगलेंद्रे, घायागलु हऊदु' कृति में सामुदायिक अध्ययनों से संबंधित कथाएं आज भी हमारे साथ रह रहे जनजातीय, आदिवासी समुदायों के विरोधाभासी सामाजिक-आर्थिक जीवन की वास्तविकताएं हैं, लेकिन ये नागरिक जगत की चिंतन शैली से भिन्न वास्तविक सत्य हैं। इन ऐतिहासिक और वर्तमान सच्चाइयों को कथा के रूप में प्रस्तुत करने का तरीका परिपक्वता और उच्च सामाजिक जिम्मेदारी से युक्त है। डॉ. ए. एस. प्रभाकर ने इस कृति में भी अपने हमेशा के भाषाई कौशल का उत्कृष्ट उपयोग किया है, जिससे पाठकों को यह एहसास होता है कि 'Reading is not walking on the words; it's grasping the soul of them' शैक्षिक दार्शनिक पाउलो फ्रेयर के इन वचनों के आधार पर ही कृति के सभी लेखों को पढ़ना चाहिए। पाठक निश्चित रूप से इस कृति के प्रत्येक लेख की प्रत्येक पंक्ति में इस भूमि के दमितों की आवाजों की 'आत्मा' को महसूस करेंगे।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e- प्रो. बी. रमेश, कुलसचिव, बेंगलुरु नगर विश्वविद्यालय","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48000204898587,"sku":"","price":225.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/chaharegalendare-gayagalu-houdu-4810174.png?v=1767534546","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/chaharegalendare-gayagalu-houdu","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}