{"product_id":"bhavya-bhoomi","title":"भव्य भूमि","description":"\u003cp\u003eकन्नड़ संस्करण 'भव्य भूमि' नामक पुस्तक के रूप में 1931 में प्रकाशित पर्ल एस. बक की 'द गुड अर्थ' का अनुवाद है। यह किसानों के समुदाय के दुखों पर आधारित कहानी है। दुनिया के किसी भी कोने में एक किसान का जीवन समान प्रतिक्रियाओं से भरा होता है, और विशेष रूप से भारत और चीन में किसानों के दुख और जीवन में कई समानताएं हैं, जो एक ही भूमि साझा करते हैं। यह पैटर्न केवल एक समय तक सीमित नहीं है, दस शताब्दियों पहले के दुख और खुशियाँ आज भी किसान के जीवन में वैसे ही जारी हैं। ऐसा लगता है कि लेखक ने इस विशिष्टता को पहचानकर ही कन्नड़ अनुवाद करने का निर्णय लिया। यह कृति वांग लंग नामक एक गरीब किसान के जीवन की शुरुआत से होती है। हमने अपने यहाँ भी यह देखा है कि अकाल के समय किसान पलायन करते हैं, यानी अपनी आजीविका के लिए अपनी खेती छोड़कर शहरों में रोजगार की तलाश में जाते हैं, ठीक उसी तरह अकाल की भयावहता के शिकार वांग लंग का पूरा परिवार भोजन और रोजगार की तलाश में एक शहर में जाता है। कुछ भी हो, किसान कहीं भी उगाए, वह देश के लोगों का पेट भरने के लिए ही होता है, बारिश की विफलता या प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित होना एक ही पैटर्न में होता है, इस दुर्भाग्य को मूल कृति के साथ-साथ उसके अनुवाद में भी मार्मिक रूप से दर्शाया गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवेंकटराजु कृष्णमूर्ति\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48575915720987,"sku":"","price":382.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/bhavya-bhoomi-3221878.jpg?v=1767533888","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/bhavya-bhoomi","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}