{"product_id":"basavanna-aanu-olidante-haduve","title":"बसवण्णा आनु ओलिदंते हदुवे","description":"बसवन की इस संपादन पुस्तक में कुल 23 निबंधों ने बसवन के अंदरूनी और बाहरी पहलुओं की सावधानीपूर्वक समीक्षा करने का महत्वपूर्ण काम किया है। \u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003eलेखकों ने बसवन के उस अनोखे प्रयास को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया है, जिसमें उन्होंने ब्राह्मणवाद की श्रेष्ठता के प्रदूषण को दूर करने का प्रयास किया और स्वयं को गैर-वर्णीकृत करने के लिए उनसे \"आनु हारुवनेंदरे कूडलसंगय्या नगुवनय्या...\" कहलवाया। वहीं, वैदिकों द्वारा तिरस्कृत होकर नए धर्म में शामिल होने के गर्व की अभिव्यक्ति के लिए \"मादार चेन्नय्याना मगा नानू...\" कहलवाकर अपने नए धर्म को पवित्र करने के उनके ईमानदार और आत्म-आलोचनात्मक दृष्टिकोण को भी दर्शाया है।\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003eबसवन की समीक्षा करना इतना आसान और सरल नहीं है। यदि यह कहा जाए कि कन्नड़ साहित्य जगत को जितना बसवन ने प्रभावित किया है, उतना किसी और ने नहीं, तो यह गलत नहीं होगा। कुल मिलाकर, संपादक डॉ. अमरेश नुडगोणी और डॉ. नंदीश्वर डंडे का यह प्रयास अद्वितीय है।\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e~ डॉ. जे. एस. पाटिल।","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48073512616219,"sku":"","price":180.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/basavanna-aanu-olidante-haduve-6460169.jpg?v=1767534065","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/basavanna-aanu-olidante-haduve","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}