{"product_id":"bariya-nenapalli-palestine-pay-no-need-to-the-rockets-in-kannada","title":"बढ़िया नेनापल्ला - फिलिस्तीन को कन्नड़ में रॉकेट की कोई आवश्यकता नहीं है","description":"\u003cspan data-mce-fragment=\"1\"\u003eलेखक आकर्ष रमेश कमल की पुस्तक 'बरीय नेनपल्ला! फ़िलिस्तीनी भावनात्मक गाथा' एक अनुवादित कृति है। यह कनाडा के लेखक मार्सेलो डी सिंटियो की अनुभवात्मक कहानी 'पे नो हीड्स टू रॉकेट्स: फ़िलिस्तीन इन प्रेजेंट टेंस' का कन्नड़ अनुवाद है। यह कृति समकालीन फ़िलिस्तीनी जीवन, और उस क्षेत्र के समृद्ध साहित्य और संस्कृति को उजागर करती है। यह पुस्तक उन लोगों के जीवन की कठिनाइयों को दर्शाती है जिनके पास कोई भूमि नहीं है, प्यार और दोस्ती, पीकर खाली हुई चाय-कॉफी की सुगंध, और क्रांति की आग। इसमें उड़ चुके फूलों की खुशबू है। इसी तरह, इसमें उन प्रियजनों के चेहरे हैं जो पथभ्रष्ट होकर गायब हो गए और शहीद हो गए। इसमें गassan कनाफानी जैसे लेखक हैं। इसमें महमूद दरविश जैसे कवियों द्वारा उकेरी गई शिलालेख जैसी कविताएँ हैं। ये कविताएँ बहादुर सेनानियों को प्रकाश और आशा देती हैं, और आने वाले कवियों को काव्य-श्वास से भर देती हैं। यह पुस्तक अतीत और वर्तमान को आमने-सामने लाकर भविष्य का सपना देखती है। लेखक का मानना है कि यह कन्नड़ पाठकों को फ़िलिस्तीन की कविता, जुनून और सपनों से परिचित कराती है।\u003c\/span\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47154725290267,"sku":"","price":202.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/bariya-nenapalla-palestine-pay-no-need-to-the-rockets-in-kannada-4012170.png?v=1767536826","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/bariya-nenapalli-palestine-pay-no-need-to-the-rockets-in-kannada","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}