{"product_id":"anna-karenina-leo-tolstoy-kannada","title":"अन्ना कैरेनिना - लिओ टॉलस्टॉय | कन्नड़","description":"\u003cp\u003e\"सभी सुखी परिवार एक जैसे सुखी होते हैं; लेकिन प्रत्येक दुखी परिवार अलग-अलग तरीकों से दुखी होता है।\"\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमनुष्य द्वारा बसाए गए परिवार की कहानी जिसने समय, स्थान और भाषा की सीमाओं को पार कर लोकप्रियता हासिल की है।\u003cbr\u003e- अन्ना करेनीना।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवह उससे आँखें मिलाने से बचने की कोशिश कर रहा था - जैसे कोई सूरज को देखने से बचता है। फिर भी उसे पता था कि वह वहीं थी - जैसे सूरज को देखे बिना भी कोई जान जाता है कि वह कहाँ है। (भाग 1, 9)\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रेम और अनुराग की अंतरंग कहानी\u003cbr\u003e- अन्ना करेनीना।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eजितने लोग, जितने दिमाग, जितने दिल होते हैं, उतने ही प्रकार के प्रेम होते हैं। यह कहानी हमारी प्रवृत्तियों द्वारा उत्पन्न नैतिक, मानसिक, सामाजिक प्रश्नों की अंतरंगता से जाँच करती है।\u003cbr\u003e- अन्ना करेनीना।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eजब आसपास के सभी लोग एक ही तरह से जी रहे हों, तो उनके अनुरूप निष्क्रिय रूप से जीना आसान हो जाता है।' (भाग 7, 13)\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक ऐसी स्त्री की कहानी जिसने निष्क्रिय जीवन के विरुद्ध विद्रोह किया\u003cbr\u003e- अन्ना करेनीना।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eघर के सामने के बगीचे में पेड़ों से टपकती बूंदों की आवाज़ सुनी, आकाशगंगा की दरार में एक परिचित तारों का त्रिकोण देखा। जब बिजली चमकती थी, तो केवल आकाशगंगा ही नहीं, बल्कि चमकीले तारे भी गायब हो जाते थे, और जैसे ही बिजली गायब होती, वे उसी जगह पर फिर से दिखाई देते थे - जैसे कि कोई अदृश्य हाथ तारों को बिना गलती के वहीं रखता था। (भाग 8, 19)\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह कहानी एक साधारण कहानी के माध्यम से इस गहरे प्रश्न को उठाती है कि क्या कोई ऐसी शक्ति है जो मानव जीवन को अर्थ, गति और डिजाइन प्रदान करती है।\u003cbr\u003e- अन्ना करेनीना।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदुनिया के महानतम उपन्यासों में से एक, काउंट लियो टॉल्स्टॉय की - अन्ना करेनीना (1878)\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50484669907227,"sku":null,"price":1080.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/anna-karenina-leo-tolstoy-kannada-3915120.jpg?v=1767530105","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/anna-karenina-leo-tolstoy-kannada","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}