{"product_id":"aadu-kaayo-hudugana-dinachari","title":"आडू कायो हुडुगन दिनचारी","description":"\u003cp\u003eभारत में गरीबों के जीवन में जो कुछ भी होता है, वह एक संयोग है। एक बंधुआ मजदूर का बेटा भेड़ चराकर बड़ा हुआ। गरीबी से भरे घर में हिंसा और कठिनाइयों के बावजूद, उसने अपने माता-पिता को दांत भींचकर, दूसरों से मांगे बिना, एक अजीब स्वाभिमान और गरिमा के साथ जीने की कोशिश करते हुए देखा। उसने अपनी माँ की दिहाड़ी मजदूरी की स्थिति के माध्यम से पूरे उत्तर कर्नाटक की दिहाड़ी मजदूर महिलाओं की कठिनाइयों को समझना शुरू किया। ऐसे समय में जब इस स्थिति के अलावा कोई अन्य संभावना नहीं थी और ऐसी संभावना की इच्छा भी पैदा नहीं हो सकती थी, लड़का स्कूल के कठोर परिश्रम से भागकर भैंस चराने वाले मैदान की आजादी के लिए तरस रहा था।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eउसी समय, एक नाटक में आकस्मिक भागीदारी उसके जीवन का मोड़ बन गई। एक डॉक्टर ने उसे पढ़ने की दुनिया की ओर मोड़ दिया। किताबों के स्पर्श से उसके भीतर कहीं रचनात्मकता की एक छोटी सी चिंगारी जली और उसने कविताएँ लिखीं। गोरावार, जो कभी कहानीकार बनने की कल्पना भी नहीं कर सकता था, शायद इन सभी दुनिया की यादों का एक संग्रह ही था जिसने उसे आगे कहानियाँ लिखने के लिए प्रेरित किया। वही मूल तत्व है जिसने अब इस स्मृति कथा को भी लिखवाया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइन व्यक्तिगत और सामाजिक यादों के माध्यम से, एक अनुभव की दुनिया जो कन्नड़ साहित्य से बहुत परिचित नहीं है, इस पुस्तक के माध्यम से विविध विवरणों के साथ प्रवेश कर चुकी है। यदि गोरावार, सभी पेशेवर लेखकों की तरह, थोड़ा स्वार्थी और कंजूस होता, और उसने इन यादों की दुनिया और उसके अजीबोगरीब सत्यों को अधिक धैर्य के साथ खोजा होता, तो वह इन यादों की श्रृंखला को एक दुर्लभ उपन्यास बना सकता था। लेकिन क्या? ऐसा लगता है कि गोरावार की इन सीधी यादों में अनकही और अनसुनी निजी डिटेल्स एक दिन उपन्यास बने बिना नहीं रहेंगी। यही उम्मीद इस पुस्तक के महत्व को भी दर्शाती है।अनुभव कथा \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e-नटराज हुलियार\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK SHOP","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51879494254875,"sku":null,"price":100.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/aadu-kaayo-hudugana-dinacharibeetle-book-shop-7755887.jpg?v=1773337926","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/aadu-kaayo-hudugana-dinachari","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}