{"product_id":"aa-maha-mugulunage","title":"आ महा मुगुलुनागे | Aa Maha Mugulunage","description":"\u003cp\u003eकविता एक धर्म है। पूरी मानव जाति को कविता के धर्म को स्वीकार करना चाहिए। यदि सभी धर्मों के विकल्प के रूप में कोई धर्म खड़ा हो सकता है, तो वह कविता का धर्म है। तब युद्ध रुक जाएंगे। युद्धों के सृजन का कारण आमतौर पर धर्म ही होते हैं। कविता से आपसी सहिष्णुता, प्रेम और मित्रता बढ़ती है। शत्रुता और द्वेष नष्ट हो जाते हैं। एक ही परिवार के भीतर के मतभेद गायब हो जाते हैं। चाहे पड़ोसी घर हों, गलियाँ हों, गाँव हों, या राज्य हों, राष्ट्र हों, लड़ाई के लिए कोई जगह नहीं होगी। कविता के स्पर्श से मनुष्य कोमल हो जाता है। अन्यथा वह जानवर बन जाता है। विश्वमानव के रूप में जन्मा व्यक्ति बड़ा होकर राक्षस बन जाता है। कविता को हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, हर परिवार तक पहुंचना चाहिए। तभी समाज में शांति और सद्भाव स्थापित हो सकता है। कविता मन को कोमल बनाती है। यह हृदय की विशालता देती है। यह दूसरों को सहन करने का धैर्य सिखाती है। यही कविराजमार्गकार का \"कसवर\" यानी सोना है। बुद्ध ने इसे ही मैत्री कहा है।\u003c\/p\u003e","brand":"BEETLE BOOK shop","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49440875151643,"sku":"","price":80.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0686\/2150\/0699\/files\/aa-maha-mugulunage-8131692.jpg?v=1767533646","url":"https:\/\/beetlebookshop.com\/hi\/products\/aa-maha-mugulunage","provider":"Beetle Book Shop","version":"1.0","type":"link"}